रविवार, 26 अक्टूबर 2008

बुधवार, 22 अक्टूबर 2008

सोमवार, 6 अक्टूबर 2008

चित्रकला प्रतियोगिता के पुरूस्कार विजेता

जूनियर ग्रुप


सीनियर ग्रुप



शुक्रवार, 22 अगस्त 2008

अभिनव बिंद्रा : परिचय




बीजिंग की धरती पर जब राष्ट्रीय धुन 'जन गण मन' की धुन प्रारंभ हुई, तो देश की 1 अरब से ज्यादा आबादी का सीना चौड़ा हो गया और तमाम खेलप्रेमियों में यह आस भी जगी कि नहीं...हमारे देश के खिलाड़ी भी ओलिम्पिक से सोना बटोर सकते हैं और इसे जीता भारत के अभिनव बिंद्रा ने

अभिनव के उद्योगपति पिता एएस बिंद्रा और माँ बबली बिंद्रा के असीम प्रोत्साहन ने उनके इस शौक में कोई बाधा नहीं आने दी और पुत्र ने अपने दृढ़ निश्चय से पदक हासिल किया ।

अभिनव बिंद्रा : परिचय


* 28 सितम्बर 1983 में देहरादून में जन्म


* 15 बरस की उम्र से निशानेबाजी की शुरुआत


* 1998 में राष्ट्रमंडलीय खेलों भाग लेने वाले सबसे युवा निशानेबाज


* 2000 के सिडनी ओलिम्पिक खेलों में हिस्सा लेने वाले सबसे युवा निशानेबाज


* 2001 में निशानेबाजी में अर्जुन पुरस्कार


* 2001 में मैनचेस्टर में आयो‍जित निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक


* 2002 में राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार


* 2002 में राष्ट्रमंडल खेलों की 10 मीटर एयर रायफल के युगल में स्वर्ण, एकल में रजत


* 2004 के एथेंस ओलिम्पिक में ‍ओलिम्पिक रिकॉर्ड, लेकिन पदक जीतने से चूके


* 2008 के बीजिंग ओलिम्पिक खेलों की 10 मीटर एयर रायफल में स्वर्ण पदक

भारत को मिडिलवेट मुक्केबाजी का कांस्य

बधाई विजेंदर,
पूरी तैयारी और आक्रामक तरीके के साथ लड़ने के बावजूद मिडिलवेट मुक्केबाजी में विजेंदर तुम्हारे पंच और फुटवर्क में तालमेल के अभाव ने काँसे को चाँदी में तब्दील होने नहीं दिया। क्यूबा के विश्व-स्तरीय घुंसेबाज द्वारा अनुभवों के आधार पर बढ़त कायम करने के बावजूद तुम खूब लड़े। इतिहास तो तुमने लिखा ही है भारतीय मुक्केबाजी का।
क्यूबा का मुक्केबाज एमिलियो बेयूक्स कोरिया 8-5 अंकों के साथ मुकाबला जीतने में सफल रहा। एमिलियो के पिता ने 1970 के दशक में मुक्केबाजी की दुनिया में काफी धूम मचाकर 1972 के म्यूनिख ओलिम्पिक का स्वर्ण पदक जीता है। ये बात उसकी विरासत को दर्शाती है।
हमारे खिलाडी, चाहे तुम्हे हार कबूलना पड़ी हो पर तुम खेले शानदार।
खेल में हार जीत तो होती है, परन्तु फख्र है सामना करने में तुमने कोई कमी नहीं छोड़ी।
हमें तुम पर गर्व है।
: राजेश घोटीकर